सनातन धर्म में हनुमान चालीसा का महत्व बहुत अधिक होता है ,हनुमान जी कलयुग के जागृत देव हैं जिस भक्त पर हनुमान जी की कृपा हो जाती है उससे संकट कोसों दूर भागते हैं । इसी कहावत को चरितार्थ करते हुए वार्ष्णेय समाज द्वारा संचालित प्राचीन मंदिर श्री गोविंद भगवान के 113 वें रथ यात्रा महोत्सव के चौथे दिन बालाजी संकीर्तन मंडल द्वारा मंदिर प्रांगण में हनुमान चालीसा का संगीतमय 11हनुमान चालीसा का पाठ किया गया ।सर्वप्रथम आज के मुख्य अतिथि श्रीमति लक्ष्मीदेवी एवं श्री अरविंद वार्ष्णेय फ्लोर मिल वालों द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ श्री गोविंद भगवान , हनुमान जी महाराज एवं अक्रूर जी महाराज की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण करके हुआ । तदुपरांत अध्यक्षा दीप्ति वार्ष्णेय द्वारा मुख्य अतिथि श्रीमति पिंकी वार्ष्णेय ,श्री अरविंद गुप्ता फ्लोर मिल वाले एवं हनुमान चालीसा के वक्ता कन्हैयालाल वार्ष्णेय एवं शैलेंद्र सवालियां को अंग वस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। हनुमान चालीसा का सैकड़ो भक्तगण ने श्रवण किया उसके बाद हनुमान बाबा का एवं सभी देवी देवताओं का भोग लगाकर प्रसाद वितरण किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से सीमा, सीमा, माधुरी ,प्रीति ,रजनी ,अनुपम ,अनुराधा ,नम्रता, साक्षी, प्रीति ,मीनाक्षी ,कुसुम ,तुलसी ,श्वेता ,उषा, रितु ,भावना ,रितु, प्रभा, दीपिका ,मंजूलता, वंदना ,साधना ,पिंकी, शिखा ,सीमा ,आशा, कल्पना, समृद्धि ,मंदिर अध्यक्ष मुकुल आनंद, मंदिर संरक्षक कृष्ण मुरारी कतिब, लक्ष्मीकांत सर्राफ ,अतुल चौधरी ,रंजीत एडवोकेट, योगेंद्र कुल्ली, नवीन गुप्ता, मनु आनंद ,लव वार्ष्णेय, मनोज जीरा वाले, विपिन ,संदीप ,संचय नवीन, दिनेश चंद दाल वाले ,चंदन ,राजीव वार्ष्णेय घी वाले ,ललतेश गुप्ता,विजय वार्ष्णेय चंचल सुपारी वाले, आदि गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।