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हाथरस

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हाथरस के तत्वावधान में ग्राम चंद्रगढ़ी में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया
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. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन में ग्राम चन्द्रगढ़ी, हाथरस में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन जनपद न्यायाधीश, अध्यक्ष, मृदुला कुमार के आदेशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस के तत्वाधान में अपर जनपद न्यायाधीश, सचिव अजय कुमार की अध्यक्षता में किया गया।

जिसमें तहसीलदार, हाथरस, सुशील कुमार सिंह, महिला कल्याण अधिकारी, मोनिक गौतम, बाल संरक्षण अधिकारी, विमल कुमार शर्मा, नामिका अधिवक्ता, तेजप्रकाश राना, सहायक ग्राम विकास अधिकारी, हाथरस, ग्रीस अग्रवाल, क्षेत्रीय लेखपाल इन्द्रेश गौतम एवं ग्राम प्रधान मोतीराम आदि की उपस्थिति में अपर जनपद न्यायाधीश, सचिव अजय कुमार ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा में शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। शिक्षा लिंग के आधार पर भेदभाव को रोकने में भी मद्द करती है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को जानकारी देते हुये बताया कि अपने बच्चों को अधिक से अधिक पढ़ायंे। आज महिलाऐं किसी भी क्षेत्र में पुरूषों से कम नहीं है। इसलिए हमको बेटा-बेटी में भेदभाव नहीं करना चाहिए। सचिव ने कहा कि पढ़ने के लिये कोई उम्र निर्धारित नही होती है। इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी बताया कि दिनांक 21 मई, 2023 को जनपद हाथरस में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा, जिसमें आप अपने छोटे-छोटे विवादों का निस्तारण कराकर लोक अदालत का लाभ उठा सकते हैं। उन्हांेनें कहा कि लोक अदालत में निस्तारित मामलों की अपील नहीं की जा सकती तथा सिविल मामलों में अदा की गई कोर्ट फीस वापस कर दी जाती है।

इसके अतिरिक्त सचिव द्वारा उपस्थित जनता को विधिक सेवा प्राधिकरण के सम्बन्ध में जानकारी देते हुये बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य जनता जनार्धन को कानून की जानकारी उपलब्ध कराना है जिससे कोई भी व्यक्ति जानकारी के अभाव में अथवा पैसे के अभाव में न्याय पाने से वंचित न रह जाये। निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के सम्बन्ध में विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुये बताया कि महिलायें एवं बच्चे अनुसूचित जाति एवं जनजाति के सदस्य अनैतिक अत्याचार के शिकार लोग या ऐसे लोग जिनसे बैगार करायी जाती है तथा ऐसे सभी व्यक्ति जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रूपये से कम है वे सभी निःशुल्क अधिवक्ता प्राप्त कर सकते है। 

तहसीलदार, हाथरस सुशील कुमार सिंह ने अपने वक्तव्य में शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं, मेडबन्दी, दाखिल-खारिज, उत्तराधिकर, वरासत, ऑनलाइन प्रमाण पत्र बनावाये जाने एवं बंटवारे आदि के सम्बन्ध में उपस्थित जनता को विस्तृत रूप में जानकारी दी गयी। 

महिला कल्याण अधिकारी, हाथरस मोनिका गौतम ने अपने वक्तव्य में कहा कि हमारे समाज में महिलाओं की आवाज को हमेशा दबाया जाता है उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जाता। लड़का और लड़की में भेदभाव होता है। हजारों सालों से पुरुषों के द्वारा महिलाओं का शोषण किया जा रहा है और इन सब का परिणाम यह हुआ कि हमारे देश की महिलाओं को दहेज प्रथा, पर्दा प्रथा, भू्रण हत्या, घरेलू हिंसा, यौन हिंसा इत्यादि का सामना करना पड़ा। रोज अखबार में महिलाओं के साथ हुए दुष्कर्म, अत्याचार की खबरें छपने लगी। रोज किसी घर की रसोई में महिलाओं को जलाया जाता। रोज किसी नन्ही सी जान को इस दुनिया में आने से पहले ही मार दिया जाता। नारी पर हो रहे इन सभी अत्याचारों पर रोक लगाने के लिए और उन्हें अपने अधिकारों से रूबरू करवाने के लिए महिला सशक्तिकरण की जरूरत पड़ी। अब यह जरूरी है कि देश की सभी महिलाएं शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से मजबूत बने। एक सशक्त नारी में इतनी क्षमता होती है कि वह अपने पूरे समाज को सशक्त कर सकती है। उन्होंने वन स्टॉप सेन्टर के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि महिलाओं के लिए काननूनी सहायता प्रदान करने हेतु जिला में वन स्टॉप सेन्टर संचालित हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने कन्या सुमंगला योजना के सम्बन्ध में भी विस्तार से जानकारी दी।

बाल संरक्षण अधिकारी विमल कुमार शर्मा द्वारा शिविर में उपस्थित जनता को बाल संरक्षण एवं मानव तस्करी के सम्बन्ध में विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई व्यक्ति आपको परेशान करता है तो आप इसे छिपायें नहीं उसके विरूद्ध महिला हेल्प लाईन नम्बर 1090, 181 अथवा बाल कल्याण समिति के नम्बर पर सम्पर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिसमें आपका नाम गोपनीय रखा जाता है।