एक बूढ़ी अम्मा जो नाई का नगला नई बस्ती में रहती हैं, जिनकी उम्र लगभग 80 वर्ष है और उनके साथ एक 6 साल का छोटा बच्चा रहता है जो उनका नाती है। इन दोनों के अतिरिक्त घर में कोई और व्यक्ति नहीं है, जिस कारण अम्मा अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में असमर्थ है, अम्मा अपने मोहल्ले वालों से मांग कर राशन इत्यादि की व्यवस्था बड़े मुश्किलों के साथ करती थी।जब यह बात निस्वार्थ सेवा संस्थान के संज्ञान में आई, तभी तत्काल प्रभाव से निस्वार्थ सेवा संस्थान द्वारा अम्मा के घर का इंस्पेक्शन किया गया और उनकी जरूरत के हिसाब से उनके लिए पूरे महीने का राशन जिसमें आटा, सभी प्रकार की दाल, चावल, सभी प्रकार के मसाले, चीनी ,दलिया,घी,तेल, सर्फ,साबुन,इत्यादि साथ में प्यारे बच्चे के लिए प्रतिदिन के हिसाब से दूध,बिस्कुट टोस्ट इत्यादि की व्यवस्था की गई। इसी के साथ अम्मा को आश्वस्त किया गया कि अब उन्हें परेशान होने की आवश्यकता नहीं है हर महीने अम्मा को उनकी जरूरत का सारा सामान पहुंचा दिया जाएगा। यह सब सामान देखकर अम्मा फूट-फूट कर रोने लगी, क्योंकि अम्मा का कोई और सहारा नहीं था ऐसे में जब निस्वार्थ सेवा संस्थान ने उन अम्मा को गले लगाया तो वह अपनी भावनाएं छुपा न सकी और भावुक हो गई।
अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने बताया कि अम्मा काफी समय से परेशान चल रही हैं क्योंकि जो नाती है वह अत्यंत छोटा है और अम्मा है वह अत्यंत वृद्ध है जिस कारण पैसे की कोई भी व्यवस्था उनके पास नहीं है और वह रोजमर्रा की अपनी जरूरत में पूरी करने में असमर्थ है साथ ही उन्होंने बताया कि अब से निस्वार्थ सेवा संस्थान परिवार ने पूर्ण तरह अम्मा की जिम्मेदारी ले ली है जिस कारण उन्हें परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
उक्त कार्यक्रम में संस्था की ओर से अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, सचिव नीरज गोयल, कोऑर्डिनेटर चंद्रप्रकाश अग्रवाल, संस्था सदस्य ध्रुव कोठीवाल, विशाल सोनी एवं प्रेम वार्ष्णेय, आदि उपस्थित रहे।