धन का प्रयोग तीन प्रकार से किया जाता है दान ,भोग और नाश ।जिसमें दान को सर्वोत्तम माना गया है और किसी गरीब कन्या के विवाह के लिए दिया गया दान को सर्वोपरि माना गया है ।इसी कहावत को चरितार्थ करते हुए समाज सेवी संस्थायें वार्ष्णेय महिला वेलफेयर समिति एवं जायंट्स ग्रुप ऑफ़ सहेली हाथरस द्वारा संयुक्त रूप से एक निर्धन कन्या (जिसके पिता का कुछ समय पूर्व देहांत हो गया एवं माता के पास अपने जीवन यापन के लिए संसाधन नहीं हैं ) के विवाह का कुछ समान जो एक बच्ची अपने पिता के घर से स्त्री धन के रूप में लेकर जाती है की पूर्ति कराने का एक छोटा सा प्रयास किया जिसमें कूलर ,पलंग , मिक्सी,चांदी की आभूषण,कुकर, साड़ी, बेड शीट,बर्तन,डिनर सेट,कंबल,
पेंट शर्ट,श्रृंगार का सामान ,राशन, बैग,नकदी एवं विभिन्न प्रकार के उपहार दिए।सर्वप्रथम दोनो संस्थाओं की अध्यक्ष दीप्ति वार्ष्णेय एवं माधवी पचौरी के द्वारा कन्या को चुन्नी उड़ाकर उसकी गोद भरी।इसके पश्चात ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ ‘पर एक शानदार प्रस्तुति तन्वी पचौरी,मधु शर्मा,मधु अग्रवाल नेहा अग्रवाल ,रिचा पचौरी ,गुंजन गर्ग द्वारा दी गई। गंगा सप्तमी के शुभ अवसर पर राहगीरों को गर्मी से राहत पहुंचाने के लिए शहर के सासनी गेट स्थित दक्षिणमुखी हनुमान जी महाराज के मंदिर पर शरवत की प्याऊ भी लगवाई।इस अवसर पर वाईस प्रेसिडेंट गुंजन दीक्षित,यूनिट डाइरेक्टर सीमा वार्ष्णेय ,सचिव अनुराधा गुप्ता,मधु अग्रवाल ,कोषाध्यक्ष पूजा गुप्ता ,प्रीति वार्ष्णेय,शालिनी वार्ष्णेय,श्वेता गुप्ता,ऋतु वार्ष्णेय, पवन पचौरी, रेनू पचौरी , रेखा अग्रवाल ,नीलम मेहरा, नेहा अग्रवाल, मीनू वार्ष्णेय,पूनम वार्ष्णेय, प्रीति वार्ष्णेय,श्वेता वार्ष्णेय,प्रीति गुप्ता,मंजू वार्ष्णेय,राजेश वार्ष्णेय , अंजलि अग्रवाल, मीनाक्षी शर्मा आदि भी उपस्थित रहीं।