*हाथरस में हाथ के दस्तकारों ने बनाई 8 कुंटल बजन की 22 फुट लंबी गदा। इन्दौर जिले के मंदिर में दान करने किये बनबाई 5 लाख की गदा।*
एंकर - हाथरस को ब्रज की दहलीज यू ही नही कहते, यहां भक्त भी बड़े है और उनके हाथों की दस्तकारी भी लाजबाब। कहते हैं कि भगवान श्री राम के भक्त हनुमानजी की गदा उठाना आसान नहीं था । कलियुग में भी ऐसा ही दृश्य दिखाई दिया। जब हाथरस शहर में रहने वाले प्रवीन के द्वारा बनाई गई हनुमानजी की गदा को देखा। हाथ के दस्तकार प्रवीन ने बताया कि इंदौर जिले के गांव में खेड़ा पति हनुमानजी महाराज है, जिनके हाथों में शिव जी विराजमान है। लोगों की माने तो यह प्रतिमा ररामायण काल से यहां स्थापित है। इस मंदिर की अपनी अलग ही महत्वता है। इंदौर के भक्तों ने इस बड़ी गदा की मांग की थी। हमने अपने पिताजी के दिशा निर्देश पर 800 किलोग्राम अष्ट धातु से निर्मित 22 लंबी लगभग 6 फुट चौड़ी ये गदा बनाई है। जिसमे लगभग 5 लाख रुपये की लागत आई है। हाथरस में बनी ये गदा लोगों की बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। गदा में हाथ की नक़्क़ाशी करने वाले पप्पू का कहना है कि इस गदा में फूल और श्री राम जय राम लिखने दो माह का समय जरूर लगा है, पर इसे लिखने से कम करने में उत्साह भी बहुत बड़ा।