अंतरास्ट्रीय मानव मिलन संस्था के संस्थापक अंतर्राष्ट्रीय संत मुनि डॉ मणिभद्र महाराज ने डिब्बा गली स्थिति स्वेताम्बर स्थानकवासी मन्दिर में प्रवचन करते हुए कहा कि हम भगवान महावीर के अनुनाई और उपासक हैं। भगवान महावीर ने हमें जो मानव मिलन व जीओ और जीने दो का जो संदेश दिया है इसी पर चलकर हम अपना कल्याण कर सकते हैं। मुनि जी के प्रवचन सुनने के लिए भाजपा सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष गौरव आर्य, भाजपा नगर अध्यक्ष मूल चंद वार्ष्णेय, अरुण उपाध्याय व बड़ी संख्या में जैन समाज के महिला पुरुष पहुचे थे। इससे पूर्व सासनी से पैदल बिहार करके हाथरस आये मुनि डॉ मणिभद्र महाराज का जैन समाज के लोगों ने भव्य अगवानी की थी। उन्हें लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग सासनी पहुंच गए थे। मुनि महाराज को 700 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर 30 मार्च को नेपाल बॉर्डर पहुंचना है। मुनि डॉ मणिभद्र महाराज ने जैन समाज को एक जुट रहने का संदेश देते हुए कहा कि बटेंगे तो कटेंगे नही संगठित रहेंगे का संदेश दिया और कहा कि हाथरस में चाहे स्वेताम्बर समाज हो अथवा दिगंबर समाज पूरा जैन समाज एकजुट है। पूरे हिंदुस्तान को हाथरस जैन समाज से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज लोग मंदिर क्यों जाते हैं क्यों पूजा करते हैं क्यों स्थानक में जाकर सामायिक करते हैं इसके पीछे उनका सिर्फ एक ही उद्देश्य रहता है कि वह शांति पाना चाहते हैं हम जो भी सांसारिक कार्य कर रहे हैं उसके पीछे सिर्फ एक ही उद्देश्य है कि संसार का प्रत्येक व्यक्ति सुख और आनंद चाहता है उन्होंने कहा कि जब हम शादी समारोह में जाते हैं तो सबसे पहले आईना देखते हैं और जब यह लगता है कि कपड़ों पर सलवटे हैं तो कपड़े बदल देते हैं ठीक इसी तरह साधु संतों को भी प्रवचन सुनने के लिए आने वाले लोगों के चेहरे पर सलवटे अच्छी नहीं लगती हैं उन्होंने कहा कि आज लोग झूठी हँसी हस रहे हैं और हंसी को हंसने के लिए भी उन्हें पार्कों का सहारा लेना पड़ रहा है प्रत्येक व्यक्ति चाहता है कि उसके जीवन में सुख शांति हो और वह साधु संतों के पास भी जाता है वह चाहता है कि तपस्या तो साधु संत करें और फल उसे प्राप्त हो जाए ऐसा हो नहीं सकता जिसने जो कर्म किए हैं उसे वह भोगना होगा जो आपने बोया है वही काटना पड़ेगा। भाजपा सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर ने मुनि महाराज को दंडवत प्रणाम करते हुए कहा कि उनका जीवन उनका बचपन जैन समाज के बीच ही बीता है। अलीगढ़ में उनके पिता ने दिगंबर जैन मंदिर के पास ही जब घर बनाया था तो उन्होंने 8-10 फीट भूमि को छोड़कर घर का निर्माण किया था वह शुरू से ही जैन मुनियों के बीच रही है। जैन मंदिर भी उनका आना-जाना रहा है जैन मुनियों की त्याग तपस्या को उन्होंने बहुत नजदीक से देखा है रात का भोजन त्याग भी उन्होंने जैन समाज की प्रेरणा से ही किया था, लेकिन इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी है यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें आज मुनि डॉ मणिभद्र महाराज के हाथरस में दर्शन करने का उन्हें सौभाग्य प्राप्त हुआ है। विधायक अंजुला सिंह माहौर ने मुनि महाराज को अपनी तरफ से स्वेत वस्त्र सहित अन्य सामान देकर उनका आशीर्वाद लिया था। इस मौके पर श्री जैन नवयुवक सभा अध्यक्ष उमाशंकर जैन, विजय जैन लोहिया, मनोज जैन लोहिया, अरुण जैन लोहिया, सुरेश चंद जैन लोहिया, अनिल जैन लोहिया, मयंक जैन लोहिया, मनु जैन लोहिया, अतुल जैन एडवोकेट, संजीव जैन लुहाड़िया, विनय ओसवाल, सुरेंद्र बाठिया, सोनू जैन लोहिया, हर्ष लोहिया, प्रताप जैन, राकेश जैन, सुधीर जैन, कमलेश जैन लाल वाले, अमित जैन, मोनू जैन, गगन जैन, श्वेतांक जैन, कपिल जैन चूरण वाले, पंकज जैन ट्रंक वाले, महेंद्र कुमार जैन, संजीव जैन भूरा, रश्मि जैन, पूजा जैन, मंजू जैन, रजनी जैन, सीमा जैन, जिया जैन, शालिनी जैन रिया बाठिया आदि मौजूद थी।