हिंदू बच्चों को बी एल एस इंटरनेशनल स्कूल द्वारा बुर्खा पहनाकर धर्मांतरण की पहली सीढ़ी का ज्ञान कराने जाने के संबंध में
१.BLS इंटरनेशनल स्कूल के द्वारा जो कृत्य किया गया उस कृत्य में स्कूल किस आधार पर निर्दोष पाया गया |
२.स्कूल में कुछ हुआ ही नहीं था तो फिर प्रधानाचार्य दो अध्यापकों को क्यों निलंबित किया गया
३.आपने कहा कि स्कूल में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए थे जिसमें सभी धर्मों संप्रदायों की गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया था तो उसके क्या साक्ष हैं
जब सभी संगठनों के पदाधिकारी तथा प्रशासन के सामने अपनी गलतियों को मानते हुए एक लेटर जारी किया जिसमें उन्होंने प्रधानाचार्य व अध्यापकों को निष्कासित किया था लेकिन उसी दिन की शाम उन्होंने अपनी बात को बदलते हुए उन को निलंबित किया इससे क्या समझा जाये|क्या यह विश्वास घात नहीं है? बर्दास्त करने योग्य है?
4. उपजिलाधिकारी महोदय का कहना है जांच चल रही है लेकिन उससे पूर्व ही आपके द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर क्लीन चिट दे दी जाती है यह कहां तक उचित है
5. इस प्रकरण में प्रधानाध्यापक के साथ अन्य अध्यापकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? होनी चाहिए या नहीं?
6. लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी क्या यह गाना सांस्कृतिक है अगर है तो सरस्वती वंदना गायत्री मंत्र सांस्कृतिक क्यों नहीं?
7. यह गाना सांस्कृतिक है तो प्रार्थना हाथ जोड़कर क्यों नहीं कराई गई हाथ खोलकर जिस तरह नमाज अदा करते हैं उस तरह से क्यों कराया गया तथा बच्चों को बुर्का क्यों पहनाया गया?
8. क्या इनकी मानसिकता से ऐसा प्रतीत नहीं होता कि बच्चों को धर्मांतरण की पहली सीढ़ी चढ़ाया जा रहा था
प्रवीन खंडेलवाल
जिला सह मंत्री विश्व हिंदू परिषद
हाथरस
मुकेश कुमार सूर्यवंशी
जिला अध्यक्ष वि ही प
मदनगोपाल varshnay
जिला कोषाध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद