जिलाधिकारी हाथरस अर्चना वर्मा ने जनपद में संचालित अपंजीकृत कारखानों/ऐजेंसियों/पेट्रोल पम्प व उद्योगों के संबंध में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक की जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को उद्योगों का शत प्रतिशत पंजीकरण कराने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में सचालित उद्योगों के सापेक्ष पंजीकरण का प्रतिशत बहुत ही कम है। जिसे बढ़ाये जाने की आवश्यकता है। उन्होनें जिला पूर्ति अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, उपायुक्त उद्योग व अन्य संबंधित विभागीय अधिकारियों को उद्यमियों से संमन्वय स्थापित करते हुए अपंजीकृत कारखानों का शत प्रतिशत पंजीकरण कराने के निर्देश दिए।
सहायक निदेशक काराखाना उ0प्र0 अलीगढ क्षेत्र अलीगढ़ अमित कुमार सिंह ने अवगत कराया है कि जनपद हाथरस में कुल 179 कारखाने पंजीकृत हैं, जिसमें दो कोल्ड स्टोर, एक पेट्रोल पम्प व अन्य कारखाने हैं। जनपद में 50 से अधिक श्रमिकों का नियोजन करने वाले कारखानों की संख्या 33 है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कारखानों का पंजीयन कारखाना अधिनियम, 1948 सहपठित उत्तर प्रदेश कारखाना नियमावली, 1950 के अन्तर्गत किया जाता है। कारखाना से अभिप्रेत है ऐसा परिसर जिसमें 20 या 20 से अधिक कर्मकार पिछले 12 माह में किसी 01 दिन शक्ति की सहायता से विनिर्माण प्रक्रिया में कायरत रहे हों, या 40 या 40 से अधिक कर्मकार पिछले 12 माह में किसी 01 दिन बिना शक्ति की सहायता से विनिर्माण प्रक्रिया में कायरत रहे हों, या कारखाना अधिनियम की धारा-85 के अन्तर्गत 5 या 5 से अधिक कर्मकार पिछले 12 माह में किसी 01 दिन शक्ति की सहायता से, अथवा 10 या 10 से अधिक कर्मकार पिछले 12 माह में किसी 01 दिन बिना शक्ति की सहायता से विनिर्माण प्रक्रिया में कायर्रत हों।