महिला सुरक्षा अभियान” के तहत पुलिस अधीक्षक हाथरस महोदय द्वारा थाना सासनी क्षेत्रान्तर्गत सीमैक्स इंटरनेशनल स्कूल सासनी जनपद हाथरस में यूनिसेफ की टीम के साथ जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर उपस्थित छात्राओं/बालिकाओं व स्कूल स्टॉफ को मिशन शक्ति, एन्टी रोमियो, महिला बीट एवं ऑपरेशन जागृति के उद्देश्यो के बारे में जानकारी देते हुये सुरक्षा सम्बंधी उपायों, विभिन्न हेल्पलाइन नम्बरों, संचालित कल्याणकारी योजनाओं व साइबर अपराधो से बचाव हेतु किया जागरुक ।
महिलाओं/बालिकाओं की सुरक्षा/सशक्तिकरण/संवाद/परामर्श एवं विभिन्न प्रकार के अपराधों के बारे में जागरूकता पैदा करने हेतु अपर पुलिस महानिदेशक आगरा जोन, आगरा महोदया द्वारा चलाए जा रहे “महिला सुरक्षा अभियान” के तहत पुलिस अधीक्षक हाथरस श्री निपुण अग्रवाल द्वारा थाना सासनी क्षेत्रान्तर्गत सीमैक्स इंटरनेशनल स्कूल सासनी जनपद हाथरस में यूनिसेफ की टीम के साथ जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस दौरान क्षेत्राधिकारी नगर, प्रभारी निरीक्षक थाना सासनी, प्रभारी महिला सहायता प्रकोष्ठ श्रीमती सुनीता मिश्रा आदि पुलिस अधिकारी/कर्मचारीगण तथा यूनिसेफ टीम के पदाधिकारीगण तथा सीमैक्स इंटरनेशनल स्कूल की छात्राएं एवं स्कूल स्टाफ आदि मौजूद रहें । कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक हाथरस द्वारा उपस्थित छात्राओं/बालिकाओं एवं स्कूल स्टॉफ को “मिशन शक्ति, एन्टी रोमियो, महिला बीट एवं ऑपरेशन जागृति अभियान के मुख्य उद्देश्यों के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी गयी ।
महिला सुरक्षा अभियान के मुख्य उद्देश्य-*
▪️ *महिलाओं की सुरक्षा हेतु बनाए गए कानूनों के दुरूपयोग व फॉल्स केसेस ।*
▪️ *लव रिलेशनशिप के प्रति परिवारों किशोर व किशोरियों को सचेत करना ।*
▪️ *महिलाओं का घरेलू हिंसा से बचाव ।*
▪️ *साइबर हिंसा के प्रति जागरूकता ।*
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक हाथरस महोदय द्वारा महिलाओ/बालिकाओ के साथ घटित अपराधो से बचाव के उपाय के सम्बन्ध में अवगत कराते हुये उनकी रोकथाम व कानूनी प्रक्रिया के तहत विधिक प्रावधान तथा विषम परिस्थितियो में सहायता प्राप्त किये जाने के लिये महिलाओं/बालिकाओं को सुरक्षा संबंधित सेवाएँ जैसे- यू0पी0-112 नम्बर, वूमेन पावर लाइन 1090, यूपी कॉप एप, 181 महिला हेल्प लाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्प लाइन, 1098 चाइल्ड हेल्प लाइन, 102 स्वास्थ्य सेवा, 108 एम्बूलेन्स सेवा के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई । साथ ही महिलाओं/बालिकाओं को सभी सुरक्षा सम्बन्धी सेवाऐ/एप्लीकेशन आदि के बारे में जागरुक किया गया तथा हेल्पलाइन नम्बर का निर्भीक होकर उपयोग करने हेतु प्रेरित किया गया । महिलाओं/बालिकाओं को बताया गया कि आस पड़ोस में या स्वंय के साथ होने वाले अपराध या अपराध की संभावना होने पर संकोच किये बिना निडर होकर अपनी बात पुलिस तक पहुंचाए ।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक हाथरस महोदय द्वारा बताया गया कि नाबालिग उम्र में बालिकायें लव अफेयर, पलायन, लिव इन रिलेशनशिप जैसे मामलों में फँस जाती हैं और किन्ही कारणों से उनको समझौता करना पड़ता है कई बार बालिकायें अपनी सहमति से भी बिना सोचे समझे चली जाती है। साथ ही साथ बदनामी के भय से किसी से शेयर नहीं करती हैं, जिसके कारण वह ऐसी स्थिति से निकलने में अपने आपको अक्षम महसूस करती हैं। परिवार में आपसी संवादहीनता और अभिभावकों से डर के कारण बालिकाएं अपनी बात कह नहीं पाती है । इसके अतिरिक्त आज Technology के दुरूपयोग के चलते महिलाओं एवं बालिकाओं के प्रति साइबर बुलिंग के मामले भी सामने आ रहे है। साथ ही बताया गया कि ग्रामों में भूमि/जमीनी विवादों में महिलाओं को ढाल के रूप में प्रयोग किया जाता है । मुकदमे बाजी में उनको आगे करते हुए झूँठे मुकदमें लिखाए जाते हैं, जिससे समाज में भ्रांति पैदा होती है । काउसलिंग के माध्यम से इस प्रकार के मामलों में कमी लाना है । इसी क्रम में साइबर अपराधों से बचाव हेतु जानकारी देते हुये बताया गया कि जानकारी के अभाव में कई लोग साइबर अपराध का शिकार हो जाते हैं, जिससे प्रत्येक नागरिक को जागरुक होना अत्यन्त आवश्यक है । बैंक एकाउंट/एटीएम के सम्बन्ध में टेलीफोन पर जानकारी मांगे जाने पर कभी भी साझा न करे एवं ई-मेल के जरिए आये लिंक को खोलने से पूर्व यह सुनिश्चित कर लें कि यह सुरक्षित है या नही, साइबर अपराधी अक्सर लिंक साझा कर आपकी वित्तीय जानकारी प्राप्त कर ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार बना लेते है । इसके साथ ही बताया गया कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप आदि सोशल साइट पर अज्ञात व्यक्तियों की रिक्वेस्ट बिल्कुल स्वीकार न करे, अपनी प्रोफाइल को हमेशा लॉक कर के रखें ।