होली खुशियों, रंगों और आपसी प्रेम का पर्व है, लेकिन समाज में कुछ बुजुर्ग ऐसे भी हैं जो इसे अकेलेपन और उदासी के बीच बिताते हैं। इन्हीं बुजुर्गों की जिंदगी में रंग भरने और उनके चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए निस्वार्थ सेवा संस्थान के सदस्यों ने नगला भुस स्थित वृद्धाश्रम का दौरा किया और उनके साथ मिलकर होली का त्योहार मनाया।संस्था के सदस्यों ने न केवल बुजुर्गों के रंग-गुलाल लगाया, बल्कि उनके साथ समय बिताया, उनसे बातचीत की और उनकी पुरानी यादों को साझा किया। वृद्धाश्रम के कई बुजुर्गों ने बताया कि पहले वे अपने परिवार के साथ होली मनाते थे, लेकिन समय के साथ परिस्थितियां बदल गईं और अब त्योहारों का उत्साह कहीं खो गया था। मगर इस बार, निस्वार्थ सेवा संस्थान की इस पहल ने उनकी पुरानी यादों को फिर से जीवंत कर दिया।
होली के इस अवसर पर संस्था ने वृद्धाश्रम को एलईडी टीवी भी भेंट की, जिससे वहां रहने वाले बुजुर्ग मनोरंजन का आनंद ले सकें और अकेलेपन की अनुभूति कुछ कम हो सके। जब यह उपहार बुजुर्गों को दिया गया, तो उनकी आंखों में आभार और खुशी के आंसू छलक उठे। उनमें से एक बुजुर्ग ने भावुक होते हुए कहा, “हमने सोचा भी नहीं था कि कोई हमारी इतनी चिंता करेगा। अब हम सब साथ बैठकर टीवी देख सकेंगे और हंस-बोल सकेंगे।”
संस्थान के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने कहा की , “हमारा उद्देश्य केवल भौतिक उपहार देना नहीं था, बल्कि इन बुजुर्गों को यह अहसास कराना था कि वे अकेले नहीं हैं। समाज को अपने वरिष्ठ नागरिकों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए और उन्हें वह स्नेह और सम्मान देना चाहिए जिसके वे हकदार हैं।”
निस्वार्थ सेवा संस्थान ने यह संकल्प लिया कि वे आगे भी इस तरह के आयोजन करते रहेंगे, ताकि समाज के हर बुजुर्ग को प्यार, अपनापन और सम्मान मिल सके।
इस अवसर पर अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, सचिव नीरज गोयल , सोशल मीडिया प्रभारी सारांश टालीवाल, सह सचिव तरूण राघव , सह सचिव निश्कर्ष गर्ग , ध्रुव कोठीवाल, मयंक ठाकुर ,संदीप गोयल , अवधेश कुमार बंटी, दीपक अग्रवाल, विशाल सोनी, सौरभ शर्मा, आलोक अग्रवाल, सतेंद्र मोहन एवं वृद्धाश्रम की ओर से संचालिका नीतू सिंह , कोमल , आकाश आदि उपस्थित रहे ।